कांग्रेस नेता कर्ण सिंह ने किया चौंकाने वाला खुलासा
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35a हट जाने के बाद एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी और उसके समर्थकों में खुशी का माहौल है तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी इस मामले पर दो दलों में बंटी नजर आ रही है। देश की अधिकांश जनता भारतीय जनता पार्टी द्वारा लिए गए इस फैसले पर खुश नजर आ रही है। कुछ विपक्षी पार्टियों को छोड़ दिया जाए तो लगभग सभी दल सरकार के इस कदम में उसका समर्थन करते हुए नजर आ रहे हैं। कांग्रेस पार्टी जम्मू कश्मीर के मामले में दो धड़ों में बंट गई है। कांग्रेस के कुछ नेता इस फैसले का समर्थन करते हुए नजर आ रहे हैं तो वहीं कुछ नेता इसके विरोध में अभी भी खड़े हुए हैं। इसी बीच कांग्रेस नेता कर्ण सिंह ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा कि लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग उन्होंने की थी।
नेता ने किया यह दावा
भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर पर लिए गए ऐतिहासिक फैसले के बाद कांग्रेस नेता कर्ण सिंह ने अपने द्वारा जारी किए गए बयान में कहा है कि उन्होंने 1965 में ही लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग की थी। उस समय वह जम्मू कश्मीर के राज्यपाल यानी कि सदर ए रियासत थे। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक दलों से लगातार संपर्क बनाए रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिन राजनीतिक दलों के नेताओं को हिरासत में लिया गया है। उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए। क्योंकि उन्हें पूरी तरह से देशद्रोही बताना गलत है। उनके भी कार्यकर्ताओं ने घाटी में अपनी जान गवाई है।
महाराजा हरि सिंह के बेटे हैं कर्ण सिंह
दरअसल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता माने जाने वाले करण सिंह जम्मू कश्मीर के महाराजा हरि सिंह के बेटे हैं। उन्होंने कहा कि हम क्षेत्र में शांति चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर से हमारा पुराना रिश्ता रहा है मेरे पूर्वजों ने भारत के साथ सम्मिलित होने का प्रस्ताव रखा था। इसलिए हम यहां पर किसी प्रकार की हिंसा नहीं चाहते हैं।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



